EPS (PENSION SCHEME) full details in hindi
EPS
EPF पेंशन जिसे तकनीकी रूप से कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) नाम से जाना जाता है, EPFO द्वारा प्रदान की जाने वाली एक सामाजिक सुरक्षा योजना है। यह योजना संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु में रिटायर्मेंट के बाद पेंशन के लिए प्रावधान प्रदान करती है। हालाँकि, योजना के लाभ तभी उठाये जा सकते हैं, जब कर्मचारी ने कम से कम 10 वर्षों के लिए सेवा प्रदान की है (ज़रूरी नहीं कि यह सेवा निरंतर हो) EPS को वर्ष 1995 में शुरू किया गया था जिसमें मौजूदा और नये EPF सदस्यों को योजना में शामिल होने की अनुमति दी गई थी।
PF में पेंशन राशि, सदस्य के पेंशन योग्य वेतन और पेंशन योग्य सेवा पर निर्भर करती है। सदस्य की मासिक पेंशन राशि की कैलकुलेशन निम्न सूत्र के अनुसार की जाती है:
सदस्य का मासिक वेतन = पेंशन योग्य वेतन X पेंशन योग्य सेवा / 70
1) पेंशन योग्य वेतन
पेंशन योग्य वेतन, कर्मचारी की पेंशन योजना में आने से पहले पिछले 12 महीनों के मासिक वेतन का औसत है।
यदि रोज़गार के अंतिम 12 महीनों में गैर-योग्दान अवधि है, तो महीने में गैर-योगदान दिनों को गिना नहीं लिया जाएगा और उन दिनों का लाभ कर्मचारी को दिया जाएगा। मान लीजिए कि व्यक्ति महीने की 3 तारीख से नौकरी शुरू करता है तो उसके 28 दिनों के वेतन को प्रत्येक दिन के वेतन के अनुसार, विभाजित किया जाएगा और फिर महीने के लिए कुल मासिक वेतन की गणना करने के लिए उसे 30 से गुणा किया जाएगा।
अगर व्यक्ति का मासिक वेतन 15,000 रुपए है, तो 28 दिनों के लिए उस व्यक्ति का वेतन 14,000 रुपए होगा (दो दिनों के लिए प्रति दिन के हिसाब से 500 रुपए कम)। हालाँकि, EPS के लिए माना जाने वाला मासिक वेतन 30 दिनों के लिए, याने कि 15,000 रुपए है।
अधिकतम पेंशन योग्य वेतन हर महीने 15,000 रुपए तक सीमित है।
चूँकि हर महीने नियोक्ता/ कंपनी/ कंपनी कर्मचारी के EPS खाते में उसके वेतन का 8.33% का योगदान देता है तो हर महीने कर्मचारी के EPS खाते में जमा राशि है,
₹15000 x 8.33/100 = ₹1250
2) पेंशन योग्य सेवा
सदस्य की वास्तविक सेवा अवधि ही पेंशन योग्य सेवा के रूप में मानी जाती है। पेंशन योग्य सेवा अवधि की गणना के समय विभिन्न नियोक्ता/ कंपनीओं/ कंपनियों के लिए की गई सेवा की अवधि जोड़ी जाती है। कर्मचारी को EPS स्कीम सर्टिफिकेट हासिल करना और हर बार नौकरी बदलने पर उसे यह प्रमाण पत्र नए नियोक्ता/ कंपनी/ कंपनी के पास जमा करना आवश्यक है।
ध्यान रहें कि कर्मचारी को 20 साल की सेवा पूरी करने के बाद 2 साल का बोनस मिलता है। .
यदि सदस्य अपने EPS फण्ड को 10 साल की सेवा अवधि पूरी करने से पहले या किसी अन्य कंपनी में शामिल होने पर निकाल लेता है तो उसे EPS खाते में योगदान के लिए नए सिरे से शुरूआत करनी होगी और सेवा अवधि भी शून्य से निर्धारित की जाएगी।
पेंशन योग्य सेवा अवधि 6 महीनों के आधार पर गिनी जाती है, अर्थात न्यूनतम पेंशन योग्य सेवा अवधि 6 महीने है। यदि सेवा अवधि 8 वर्ष 2 माह है, तो योग्य सेवा अवधि 8 वर्ष मानी जाएगी। हालाँकि, यदि सेवा अवधि 8 वर्ष और 10 महीने है, तो पेंशन योग्य सेवा अवधि को 9 वर्ष मानी जाएगी।
कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत पेंशन लाभ
EPFO के सभी योग्य सदस्य अपनी आयु के अनुसार पेंशन का लाभ तब से उठा सकते हैं जब वे पेंशन निकालना शुरू करते हैं। पेंशन राशि विभिन्न मामलों के हिसाब से अलग-अलग है।
1) 58 साल की आयु में रिटायर्मेंट पर पेंशन
एक सदस्य 58 वर्ष की आयु में रिटायर होने के बाद पेंशन लाभ के लिए योग्य हो जाता है। हालाँकि, पेंशन का लाभ उठाने के लिए उसका 10 वर्षों तक काम करना अनिवार्य है। एक EPS स्कीम सर्टिफिकेट जारी किया जाता है जिसका इस्तेमाल मासिक पेंशन निकालने के लिए जमा किये जान वाले फॉर्म 10 D भरने के लिए किया जा सकता है।
2) मासिक पेंशन के लिए योग्य होने से पहले सेवा छोड़ने पर पेंशन
यदि कोई सदस्य 58 वर्ष की आयु प्राप्त करने से पहले 10 वर्षों तक सेवा में नहीं रह पाता है, तो वह 58 वर्ष की आयु में फॉर्म 10C भरकर पूरी राशि निकाल सकता है। यहाँ ध्यान रहें कि रिटायर्मेंट के बाद उन्हें मासिक पेंशन लाभ नहीं मिलेगा।
3) सेवा के दौरान पूर्ण विकलांग होने पर पेंशन
यदि EPFO का कोई भी सदस्य, जो पूरी तरह विकलांग हो जाता है, इस तथ्य के बावजूद कि उसने पेंशन योग्य सेवा अवधि पूरी नहीं की है, तब भी मासिक पेंशन का हकदार है।
उसके नियोक्ता/ कंपनी/ कंपनी को पेंशन के लिए योग्य होने के लिए कम से कम एक महीने के लिए उसके EPS खाते में धन जमा करना होगा।
कर्मचारी स्थायी विकलांगता की तारीख से मासिक पेंशन के लिए योग्य हो जाता है और सम्पूर्ण जीवनकाल के लिए वह पेंशन मिलने के योग्य होता है। हालाँकि, यह जाँचने के लिए कि वह सदस्य उस काम के लिए अयोग्य है जो वह विकलांग होने से पहले कर रहा था, उस कर्मचारी को मेडिकल टेस्ट से गुज़रना पड़ सकता है।
4) कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार के लिए पेंशन
कर्मचारी का परिवार निम्नलिखित मामलों में पेंशन लाभ के लिए योग्य हो जाता है:
सेवा में रहते हुए कर्मचारी की मृत्यु होने पर और नियोक्ता/ कंपनी द्वारा कम से कम एक महीने उस कर्मचारी के EPS खाते में धन जमा किए जाने पर
अगर कर्मचारी ने10 साल की सेवा पूरी कर ली है, पर 58 वर्ष की आयु प्राप्त करने से पहले ही उसकी मौत हो जाती है
मासिक पेंशन शुरू होने के बाद कर्मचारी के मृत्यु के मामले में
कर्मचारी पेंशन योजना के तहत पेंशन के प्रकार
EPS के तहत विभिन्न प्रकार के पेंशन हैं जैसे विधवाओं, बच्चों और अनाथों के लिए पेंशन। ये पेंशन EPF ग्राहक के परिवार के सदस्य को एक आय प्रदान करती है।
1) विधवा पेंशन
विधवा पेंशन या वृद्धा पेंशन योग्य सदस्य की विधवा स्त्री के लिए लागू है। विधवा की मृत्यु या उसके पुनर्विवाह तक यह पेंशन की राशि देय होगी। एक से अधिक विधवायें होने पर, उम्र में बड़ी विधवा को पेंशन राशि मिलेगी।
मासिक वृद्धा पेंशन राशि, वर्ष 1995 की EPS की टेबल-सी पर निर्भर करती है न्यूनतम पेंशन राशि बढ़ाकर अब 1000 रु. कर दी गई है। पेंशन पाने वाले सदस्यों के लिए 6,500 रु. की पेंशन योग्य वेतन के अनुसार, विधवा पेंशन राशि की गणना नीचे दी गई टेबल के अनुसार की जाती है। ध्यान रहें कि मासिक पेंशन योग्य वेतन को 15,000 रु. तक बढ़ा दिया गया है और इसलिए उच्चतर पेंशन उपलब्ध हो सकती है:
2) बाल पेंशन
सदस्य की मृत्यु हो जाने पर, मासिक विधवा पेंशन के अलावा परिवार में जीवित बच्चों के लिए मासिक बाल पेंशन लागू होती है। मासिक पेंशन का भुगतान तब तक किया जाएगा जब तक बच्चा 24 वर्ष की आयु प्राप्त नहीं कर लेता। देय राशि विधवा पेंशन की 25% है और इसका अधिकतम दो बच्चों को भुगतान किया जा सकता है।
3) अनाथ पेंशन
यदि सदस्य की मृत्यु हो जाती है और उसकी कोई जीवित विधवा नहीं है, तो उसके बच्चे मासिक विधवा पेंशन के मूल्य की 75% राशि मासिक अनाथ पेंशन के रूप में पाने के हकदार होंगे। यह लाभ बड़े से छोटे क्रम में, दो जीवित बच्चों के लिए लागू होगा।
4) घटी हुई पेंशन
EPFO का सदस्य पेंशन जल्दी निकाल सकता है यदि उसने 10 साल की सेवा अवधि पूरी कर ली है तथा वह 50 साल का हो गया है, लेकिन 58 वर्ष से कम है। इस मामले में, 58 साल के होने के लिए जितने साल बाकी है, उस हर साल पर 4% की दर से पेंशन राशि कम की जाती है।
यदि सदस्य 56 वर्ष की आयु में घटी हुई मासिक पेंशन को निकालने का फैसला करता है, तो उसे मूल पेंशन राशि का 92% (100% – 2×4) मिलेगा।
EPF पेंशन के बारे में याद रखने के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) खाते में किए गए सभी योगदान नियोक्ता/ कंपनी द्वारा ही किए जाने चाहिए
EPSके लिए नियोक्ता/ कंपनी इसमें कर्मचारी के वेतन के 33% का योगदान देता है
कर्मचारी के वेतन में ये शामिल हैं – महंगाई भत्ते के साथ मूल मज़दूरी, प्रतिधारित भत्ता और खाद्य रियायतों के लिए स्वीकार्य नकद मूल्य
नियोक्ता/ कंपनी को हर महीने के आखिरी15 दिनों के भीतर अपना योगदान देना होता है
सभी लागू योगदान की लागत नियोक्ता/ कंपनी द्वारा वहन की जाती है
प्रमुख नियोक्ता/ कंपनी को उसके लिए काम करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए सीधे या एक ठेकेदार के माध्यम से योगदान करना पड़ता है
पेंशन के फायदे प्राप्त करने के लिए योग्य न्यूनतम सेवा अवधि10 वर्ष है
यदि आपने6 महीने की सेवा से अधिक और 10 वर्ष से कम सेवा की है, तो आप दो महीने से अधिक समय तक बेरोज़गार रहने पर अपनी EPS राशि निकाल सकते हैं।
योजना के अनुसार, कर्मचारी की रिटायर्मेंट की आयु58 वर्ष तय की गई है
एक कर्मचारी 58 साल का होने के बाद या घटी हुई पेंशन (50 वर्ष की आयु में) प्राप्त करना शुरू करने के बाद पेंशन फंड का सदस्य बनना बंद कर देता है
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