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Showing posts from August, 2020

(NPS )NATIONAL PENSION SCHEME

एनपीएस का मतलब है नेशनल पेंशन स्कीम (National Pension Scheme). एनपीएस एक पेंशन योजना है | जैसा की किसी भी पेंशन योजना में होता है,  आप इस योजना में अपने रिटायरमेंट के लिए निवेश करते हैं|  आपके निवेश और उस पर मिलने वाले रिटर्न से आपका एनपीएस खाता धीरे-धीरे बड़ा होता जाता है| रिटायर होने के बाद आपको पेंशन मिलती है|  रिटायर होने से मेरा मतलब 60 वर्ष की आयु का होना या फिर आपके एम्प्लायर की superannuation (रिटायरमेंट आयु) हासिल करना| रिटायर होने पर या 60 वर्ष की आयु के होने पर आप अपना खाता बंद कर सकते हैं| खाता बंद करते समय आप कुछ पैसा एक मुश्त निकाल सकते हैं| बचे हुए पैसे से आपको एक वार्षिकी उत्पाद (annuity plan) खरीदना होगा| ध्यान दें  आपको कम-से-कम 40% जमा राशि से एक वार्षिकी (annuity plan) खरीदना होगा| एक उदहारण की सहायता से समझते हैं| मान लिए 60 वर्ष की आयु तक आपने अपने एनपीएस खाते में 10 लाख रुपये जमा कर लिए हैं | इन 10 लाख रुपये में से आपको 4 लाख रुपये का तो एक एन्युटी प्लान (वार्षिकी) खरीदना होगा ही| बचे हुए 6 लाख रुपये को आप एक मुश्त निकाल सकते हैं| ध्यान दें चाहे...

EPS (PENSION SCHEME) full details in hindi

 EPS EPF पेंशन जिसे तकनीकी रूप से कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) नाम से जाना जाता है, EPFO द्वारा प्रदान की जाने वाली एक सामाजिक सुरक्षा योजना है। यह योजना संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु में रिटायर्मेंट के बाद पेंशन के लिए प्रावधान प्रदान करती है। हालाँकि, योजना के लाभ तभी उठाये जा सकते हैं, जब कर्मचारी ने कम से कम 10 वर्षों के लिए सेवा प्रदान की है (ज़रूरी नहीं कि यह सेवा निरंतर हो) EPS को वर्ष 1995 में शुरू किया गया था जिसमें मौजूदा और नये EPF सदस्यों को योजना में शामिल होने की अनुमति दी गई थी। PF में पेंशन राशि, सदस्य के पेंशन योग्य वेतन और पेंशन योग्य सेवा पर निर्भर करती है। सदस्य की मासिक पेंशन राशि की कैलकुलेशन निम्न सूत्र के अनुसार की जाती है: सदस्य का मासिक वेतन =  पेंशन योग्य वेतन X पेंशन योग्य सेवा / 70 1) पेंशन योग्य वेतन पेंशन योग्य वेतन, कर्मचारी की पेंशन योजना में आने से पहले पिछले 12 महीनों के मासिक वेतन का औसत है। यदि रोज़गार के अंतिम 12 महीनों में गैर-योग्दान अवधि है, तो महीने में गैर-योगदान दिनों को गिना नहीं लिया जाएगा और उन दिनों क...

Pf details in hindi

 EPF क्या है? कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) एक बचत योजना है जिसे कर्मचारी भविष्य निधि और विविध अधिनियम,1952 के तहत शुरू किया गया था। इसे केंद्रीय न्यासी बोर्ड द्वारा प्रशासित और प्रबंधित किया जाता है जिसमें तीन दलों- सरकार, नियोक्ता/ कंपनी और कर्मचारियों के प्रतिनिधि होते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस बोर्ड की गतिविधियों में इसकी सहायता करता है। EPFO सीधे सरकार के अधिकार क्षेत्र में काम करता है और श्रम और रोज़गार मंत्रालय इसका प्रबंधन करता है। देश भर के विभिन्न कर्मचारियों को बचत के लिए प्रोत्साहित करना EPF योजना का मूल उद्देश्य है जिसका उपयोग वे रिटायर्मेंट के बाद कर सकें । कर्मचारी भविष्य निधि या EPF एक फण्ड है जिसमें नियोक्ता/ कंपनी और उसका कर्मचारी मासिक आधार पर नियमित रूप से योगदान करते हैं। नियोक्ता/ कंपनी और कर्मचारी दोनों ही EPF में कर्मचारी के वेतन (मूल वेतन + महंगाई भत्ता) की 12% राशि का योगदान करते हैं। इस योगदान पर, EPFO द्वारा निर्धारित एक निश्चित दर पर ब्याज मिलता है। कुल जमा राशि के साथ-साथ जमा पर प्राप्त ब्याज की राशि पूरी तरह से टैक्स-मुक्त होती है। अर्थात ...

PMRPY ORIGINAL DOCUMENT

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No. DGE-U-13015/1/2016-MP (G) Government of India Ministry of Labour & Employment Directorate General of Employment   3/10, Jam Nagar House, Shahjahan Road, New Delhi-110011   Dated:   23.02.2017 OFFICE MEMORANDUM   Subject:      Scheme Guidelines for Pradhan Mantri Rojgar Protsahan Yojana (PMRPY) - Revised.   This is in continuation to the OM of even number dated 09* h August 2016 circulating the guidelines on Pradhan Mantri Rojgar Protsahan Yojana (PMRPY) for incentivising employers registered with the Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) for job creation by the Government paying 8.33% contribution of employers to the Employee Pension Scheme (EPS) in respect of new employees having a new Universal Account Number (UAN). With the approval of the competent authority, the guidelines have been revised and will be applicable w.e.f. 9 t h Augus...